बिछड़ों को अपनों से मिलाकर ऋषिकेश पुलिस ने पेश की मिसाल
त्रिवेणी घाट पर मिली नाबालिग बालिका को सकुशल परिजनों को सौंपा
ऋषिकेश/देहरादून। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जब पुलिस संवेदनशीलता का परिचय देती है, तो जनता का खाकी पर विश्वास और मजबूत होता है। ऐसा ही एक सराहनीय और मानवीय कार्य ऋषिकेश पुलिस ने किया है। त्रिवेणी घाट के पास भटक रही एक घर से नाराज नाबालिग बालिका को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सकुशल ढूंढ निकाला और सत्यापन के बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
बच्ची के सुरक्षित घर वापस लौटने पर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने ऋषिकेश पुलिस का सहृदय आभार जताया।
कैसे निभाया पुलिस ने मानवता का धर्म
31 अगस्त को गश्त के दौरान चीता पुलिस कर्मियों को त्रिवेणी घाट परिसर में एक नाबालिग बालिका लावारिस स्थिति में घूमती हुई मिली। पुलिस कर्मियों ने बालिका को तत्काल सुरक्षित कोतवाली ऋषिकेश लेकर आए।
वहां महिला पुलिस कर्मियों और अधिकारियों ने बालिका से प्यार से बातचीत कर उसका विश्वास जीता। इसके बाद उसने अपने पिता का नाम और घर का पता बताया। पुलिस ने तुरंत दिए गए पते पर संपर्क साधा। परिजनों के ऋषिकेश पहुंचने पर आवश्यक कानूनी सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर बालिका को सुरक्षित उनके हवाले कर दिया गया।
समर्पित पुलिस टीम
इस कार्य को अंजाम देने वाली टीम में शामिल रहे:
उपनिरीक्षक निखलेश बिष्ट
कांस्टेबल सोहन
कांस्टेबल हिमांशु
ऋषिकेश पुलिस की इस त्वरित सक्रियता, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली ने एक बार फिर साबित किया कि मुसीबत के वक्त पुलिस की सजगता और देखभाल ही समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाती है।
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