डाकपत्थर में 15 करोड़ की लागत से बनी अस्पताल बिल्डिंग दो साल से बंद, जनता परेशान; SDM व CMO से शिकायत

डाकपत्थर में 15 करोड़ की लागत से बनी अस्पताल बिल्डिंग दो साल से बंद, जनता परेशान; SDM व CMO से शिकायत

 

विकासनगर। डाकपत्थर में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला अस्पताल की बिल्डिंग दो साल पहले तैयार हो चुकी है, लेकिन अब तक अस्पताल शुरू नहीं किया गया है। इस मामले में स्थानीय निवासी विपिन कुमार गोयल ने उपजिलाधिकारी विकासनगर व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत दी है।

 

शिकायतकर्ता का कहना है कि डाकपत्थर में बड़े कवर एरिया में बनी यह चार मंजिला बिल्डिंग तैयार होने के बावजूद बंद पड़ी है। गंगोत्री-यमनोत्री राजमार्ग पर स्थित इस अस्पताल की विशेष सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है। विकासनगर में एकमात्र सरकारी अस्पताल है, जिससे करीब 30 आसपास के गांव जुड़े हुए हैं। इतनी बड़ी आबादी के लिए एक अस्पताल पर्याप्त नहीं है।

 

पहाड़ी इलाके में रोजाना एक्सीडेंट होते रहते हैं। मरीजों को इलाज के लिए देहरादून रेफर करना पड़ता है। विकासनगर अस्पताल में पर्याप्त साधन नहीं हैं। सीटी स्कैन और एमआरआई भी देहरादून में ही कराने पड़ते हैं। गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन के मामले भी देहरादून भेजे जाते हैं। सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर मामलों में मरीजों को देहरादून रेफर करने में जान का खतरा बना रहता है। विकासनगर से देहरादून करीब 50 किलोमीटर दूर है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।

 

शिकायतकर्ता ने बताया कि झोला छाप और कम पढ़े-लिखे लोग भी डॉक्टर की दुकानें खोल रहे हैं। गैर-पंजीकृत चिकित्सकों की यूनियन भी सक्रिय है, जो अस्पताल कर्मचारियों से तालमेल रखकर छापे की कार्रवाई की जानकारी पहले ही ले लेते हैं।

 

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन मरम्मत के नाम पर दोबारा पैसा मंजूर हो गया है। नया बना अस्पताल होने के बावजूद मरम्मत की क्या जरूरत है, इसकी जांच की मांग की गई है।

 

डाकपत्थर और आसपास की जनता अस्पताल शुरू करने की मांग कर रही है। विपिन कुमार गोयल ने अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।