अवैध हाट बाजार से सैकड़ों लोगों की जान खतरे में: बरसाती खाले में प्रशासन की निगरानी में ही लग रहा बाजार

अवैध हाट बाजार से सैकड़ों लोगों की जान खतरे में: बरसाती खाले में प्रशासन की निगरानी में ही लग रहा बाजार

देहरादून (सहसपुर) । सहसपुर थाने से लगते बरसाती खाले में प्रत्येक मंगलवार को लगने वाला अवैध पीठ हाट बाजार अब मौत का हॉट बाजार बन चुका है। प्रशासन की निगरानी और संरक्षण में पिछले कई वर्षों से यह बाजार खाले की ठीक बीचों-बीच लगाया जा रहा है, जबकि मानसून के मौसम में यहां अचानक पानी आने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार का समापन अक्सर सामान बह जाने के बाद ही होता है। ऐसे में यदि कोई जनहानि होती है तो जिम्मेदार कौन होगा?

उत्तराखंड सरकार ने मानसून सत्र शुरू होते ही नदी-नाले-खाले के किनारे बसी आबादी, झुग्गी-झोपड़ियों और बस्तियों को हटाने के आदेश जारी कर दिए थे। इसके बावजूद सहसपुर थाने से लगे इस बरसाती खाले में सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डालकर आज भी अवैध हाट बाजार सजाया गया। क्या सुविधा शुल्क निर्दोष लोगों की जान से बढ़कर हो गया

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है। पहाड़ों में लगातार बादल फट रहे हैं और प्रदेश के नदी-नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। पूरा देश बाढ़ का प्रकोप झेल रहा है, लेकिन मुख्य हाईवे से लगते इस बरसाती खाले में अवैध बाजार आज भी धड़ल्ले से लगा। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यहां अचानक पानी आ जाता है और बाजार का समापन तभी होता है जब लोगों का सामान बह चुका होता है।

सवाल यह है कि आखिर कब बंद होगा यह अवैध हाट बाजार? प्रशासन क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जनहित में इस खतरे भरे बाजार को तुरंत बंद किया जाना चाहिए, ताकि किसी बड़ी त्रासदी से बचा जा सके।