**वंचित आंदोलनकारियों का मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच, न्याय की मांग**
देहरादून। राज्य आंदोलनकारी संयुक्त परिषद (महिला) की अध्यक्ष प्रमिला रावत ने कहा है कि सरकार अगर उनकी बात नहीं सुनेगी तो वे अपने हक के लिए आवाज उठाने को मजबूर होंगे।
उन्होंने बताया कि 9 सितंबर को देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की गई थी कि आंदोलनकारियों के 4-5 प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाए, ताकि उनकी समस्याएं और मांगें सीधे रखी जा सकें। लेकिन अब तक इस मांग पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।
ऐसे में आज सभी आंदोलनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने के लिए बाध्य होना पड़ा।
प्रमिला रावत ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग है—सभी वंचित आंदोलनकारियों को जल्द से जल्द चिन्हित किया जाए और उन्हें उनका हक दिलाया जाए। वे सम्मानपूर्वक अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन जब उनकी आवाज लगातार अनसुनी की जाएगी तो अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना उनकी मजबूरी होगी।
उन्होंने कहा कि वंचित आंदोलनकारियों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
