उत्तराखंड के चमोली में टीएचडीसी टनल हादसा: मलबा-पानी भरने से 18-19 मजदूर फंसे, 13 सुरक्षित निकाले गए, रेस्क्यू जारी

उत्तराखंड के चमोली में टीएचडीसी टनल हादसा: मलबा-पानी भरने से 18-19 मजदूर फंसे, 13 सुरक्षित निकाले गए, रेस्क्यू जारी

चमोली (उत्तराखंड)। गुरुवार शाम निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में अचानक मलबा और पानी भर जाने से हड़कंप मच गया। मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टनल में हादसे के समय काम कर रहे 18 से 19 लोगों के फंसने की प्रारंभिक सूचना मिली है। घटना के बाद जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अब तक 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष लोगों की तलाश और रेस्क्यू अभियान जोर-शोर से जारी है।

घटना गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भर गया। निर्माण कार्य एचसीसी कंपनी द्वारा कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू कर दिया।

जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभालते हुए अधिकारियों से लगातार जानकारी लेते रहे। उन्होंने मौके पर मौजूद बचाव दलों को पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्रशासन के अनुसार, टनल में फंसे लोगों में से 13 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शेष लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन और उपकरण भी जुटाए जा रहे हैं।

रेस्क्यू अभियान में जिला प्रशासन और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें शामिल हैं। इसके अलावा डीआईआरएफ और सीआईएसएफ के जवान भी मौके पर बचाव कार्य में जुटे हैं। टनल में मलबा और पानी होने के कारण बचाव दल सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रशासन की ओर से घटनास्थल की लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की जानकारी मिलते ही गहरी चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए भेजा गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और घटना की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन लगाए जा रहे हैं।